गुंजता हमेशा जहाँ वेदों के मंत्रों से देश हमारा ,
वही आज सुनाई दे रही अराजकता की गूंज,
ऋषि- मुनियों का है देश हमारा,
पर आज उठ रहे है उसकी गरिमा पर सवाल,
दिखा तू अपनी अमिट पहचान, ले संकल्प नहीं लगने देंगे दाग संतों की भूमि पर,
करेंगे नव भारत का निर्माण…..
अंग्रेजों की 'फूट डालो राज करो' की नीति ने,
बनाया उसने सोने की चिड़िया को अपना गुलाम,
क्या भूल गये तुम उन ज़ख्मों को,
फिर भी बेच रहे देश अपना भष्ट्राचारियों के हाथों में,
दिखा तू अपनी अमिट पहचान, ले संकल्प सही उम्मीदवार चुनकर रोकेंगे भष्ट्राचार,
करेंगे नव भारत का निर्माण…..
संस्कृतियों से समृद्ध देश भारत हमारा,
रहते मिलकर विभिन्न धर्मों -जाति के लोग यहाँ,
भूल रहा है तू अपनी गौरवशाली परंपरा व संस्कृति को,
दिखा तू अपनी अमिट पहचान, ले संकल्प फिर बनाएंगे भाईचारे का मंदिर,
करेंगे नव भारत का निर्माण…..
जग की जननी कहते बेटी को,
कोई कहता दुर्गा कोई कहता काली, कोई कहे लक्ष्मी,
बेटियाँ है धरोहर समाज और परिवार की,
फिर क्यों बेटियाँ हो रही ज़लील,
दिखा तू अपनी अमिट पहचान, ले संकल्प करेंगे बेटियों का सम्मान, करेंगे उनको शिक्षित,
करेंगे नव भारत का निर्माण…
खुशकिस्मत है हम, जन्म लिया वीरों की भूमि पर,
देश की सुरक्षा के खातिर जुटे रहते वीर सियाचिन बॉर्डर पर
लगा देते जान की बाजी,
पर सियासी गलियारों में फौज खड़ी फरेबियों की,
जब भी आतंकी मारता होती पीर बड़ी,
शहादत होती वीर की तो बनाते उसका राजनीति का मुद्दा,
दिखा तू अपनी अमिट पहचान, ले संकल्प करेंगे वतन से मोहब्बत, मरेंगे वतन के खातिर,
करेंगे नव भारत का निर्माण…..
गर्म है चुनावी माहौल आजकल , वादों का दौर भी तेज हुआ
राजनीति भी कितनी रंगीन ,विपक्ष बन जाता दोस्त ,
पिता बन जाता दुश्मन,
महजबों के नाम लड़ाते हमें, पैसो के बल पर खरीदते गद्दी,
दिखा तू अपनी अमिट पहचान, ले संकल्प
खेलने नहीं देंगे किसी को भारत के संविधान से, जहर उगलने वाले का करेंगे बाहिष्कार
करेंगे नव भारत का निर्माण…..
हिंदी है समृद्धि वैभव सहजता का भंडार,
हमारी आत्मा और भावना का श्रृंगार,
वाणी के सुरॊं की मधुर झंकार,
राष्ट्र की सूत्रधार, फिर क्यों आती हमें शर्म बोलने में,
दिखा तू अपनी अमिट पहचान, ले संकल्प विकसित कर हिंदी भाषा को,
भारत की शान बढ़ाएंगे, हिंदी भाषी कहलायेंगे
करेंगे नव भारत का निर्माण….
संदेश पूरे जग में फैलाएंगे…….
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