Thursday, January 18, 2018

आई आज मेंहदी की रात बन्नों…….

आई नन्ही परी मेरे घर!!!
सूना था मेरा आंगन तुझ बिन,
तेरे आने की आहट से ही महक उठा मेरा आंगन,

आई नन्ही परी मेरे घर!!!
तेरी मासूमियत ले लाई जिंदगी में खुशियाँ,
तुझे थाम बाँहों में मिलता मुझे सुकून,

आई नन्ही परी मेरे घर!!!
तेरा घुटनों पर चलना, तेरे गालों की लाली,
'माँ', जब निकला तेरे होठों से छूकर ,छू गया मेरे दिल को,

आई नन्ही परी मेरे घर!!!
नन्हें पाँव में पायल पहन जब तू चलती,
उसकी झंकार से झूम उठता भंवरा भी,

आई नन्ही परी मेरे घर!!!
तेरी नन्ही उंगलियाँ जब थामती मेरे हाथ,
निकलती दिल से दुआएं तेरे लिए,


आई नन्ही परी मेरे घर!!!
भेजा तुझे गुरुकुल, थाम ना पाई आँसूओं को,
पकड़े मेरे आँचल को, तू भी खूब रोई,

आज बनी मेरी नन्ही परी दुल्हन,
बाबुल का आंगन छोड़,हथेलियाँ सजा कर चली,
तू महकाने पिया का जहान,
मेरी नन्ही परी, आई आज मेंहदी की रात बन्नों……
ख्वाहिश है इस माँ की, महका दे तू ससुराल का आंगन अपनी किलकारियों से, 
मेरी नन्ही परी,

No comments: