Monday, September 2, 2019

गणपति बाप्पा……


गणपति बाप्पा मोरयामंगल मूर्ति मोरया,
देवों में देव हमारे, दुःख संताप मिटाते हमारे,
तुम हो हमारे हरिद्र गणाध्यक्ष ।।

पार्वती का लाडला बालगणपति, भोलेनाथ का रुद्रप्रिय,
लाज रखी इस नन्दन ने, ना जाने दिया वार खाली परशुराम का,
ईशानपुत्र का एकदन्त कहूँ या कहूँ उमापुत्र का भुवनपति तुझे ।।

गजवक्त्र को मिला अग्रपूज्य होने का वरदान,
लम्बकर्ण, लम्बोदर सिद्दिविनायक को प्रिय है मूषकवाहन,
उस यशस्विन को लगे भोग मोदक का ।।

है बुद्धिविधाता चतुर्भुज,
रिद्धि सिद्धि का हैं दाता,
हे ! वक्रतुंड तू तो है अतुलनीय प्रभु ।।

दया दृष्टि के दूत, जग के पालनहार हो तुम,
शाश्वत आनंद के दाता हो तुम,
पहचान है तेरी शुभगुणकानन से ।।

वेदों के मंत्रों के अधिपति हो तुम,
नाश होता चित्त की पांचों अवस्थाओं का,
जाना तुझे ब्रह्मणस्पति और चिंतामणि से,

गौरीसूत मोरया, विघ्नविनाशक मोरया,
कृष्णपिंगाक्ष मोरया, विद्यावारिधि मोरया,
गणपति बाप्पा मोरयामंगल मूर्ति मोरया ।।

Thursday, June 13, 2019

बिटिया तू है मेरे कुल का दीपक


समाज व परिवार की धरोहर है बेटियाँ,
सृष्टि की उत्पत्ति है बेटियाँ,
रिश्तों को प्यार में बाँधती है बेटियाँ
सुख-समृद्धि- का नाम है बेटियाँ,
दिया नाम उन्हें ‘लक्ष्मी’ का

पर आज भी परिवारों में बेटियों के जन्म पर मायूसी छा जाती है,क्यों?
समझा जाता है उन्हें बोझ, क्यो?
कन्या भ्रूण हत्या जैसे घृणित अपराध थमने का नाम नहीं ले रहा,क्यों?
पराया धन कहते हो बेटी को आज भी,क्यों?
है वह तो बल दुर्गा और काली का,

कौन है जिम्मेदार इन सामाजिक कुरीतियों का….
कौन है जिम्मेदार इन दकियानूसी प्रथाओं का…
क्या जिम्मेदार,है सिर्फ पुरुष प्रधान समाज,
नहीं, बिल्कुल नहीं….. जिम्मेदार है समाज उसकी मानसिकता सोच और अज्ञानता,
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सुन एक पिता की जुबानी…. क्या मायने रखती है बेटी उसकी जिंदगी में …….
आने वाला सुनहरा कल है बेटियाँ,
नयनों की ज्योति है बेटियाँ,
गुरूर है मेरा, आत्मविश्वास का नाम है बेटियाँ,
वतन का उत्थान है बेटियाँ,
सपनों की अंतरज्योति है बेटियाँ,
ममता की छाँव है बेटियाँ,
पिता की हर बांधा को हरती है बेटियाँ,
मायके की परछाई है बेटियाँ,
ससुराल की आन-बान है बेटियाँ,

चाँद सी गुड़िया… तू ही है मेरा अभिमान,
तू ही है निश्छल मन की मूरत,
बेशकीमती हीरा है तू मेरे सूने आंगन का,
बिटिया…… तू है मेरे कुल का दीपक……