हँस-हँस कर सहता हर ज़ख़्म,
जान
हथेली पर रख देश की बनाए रखता आन-बान, है वह वीर ॥
सूख जाते है माँ के आँसू, पर फिर भी नहीं रुकता
है वह,
हर
हालात में देश की रक्षा में रहता तत्पर, है वह वीर ॥
राहें कितनी भी मुश्किल क्यों न हो,
तपती
गर्मी में रहता रेगिस्तान में, ताकि तू चैन की नींद सो सकें, है
वह वीर ॥
सियाचिन
वह युद्ध भूमि जहाँ साल भर रहते है तेरी रक्षा के लिए वह,
देशभक्ति, धीरज
और दृढ़ता की मूरत, है वह वीर ॥
अपनी माँ की कोख छोड़कर जा बैठा,
धरती
माँ की कोख में, है वह वीर ॥
नक्सली हो या आंतकवादी हो मार गिराता है
उन्हें,
कट गये सर गम नहीं उन्हें, झुकने न दिया उसने अपने वतन को, है
वह वीर ॥
कल ही तो लगी थी उसके हाथों में मेहंदी,
उजड़
गई उसकी माँग,
कसम
खाई उसने रखेगी मान वह उस सिंदूर का, है वह वीर ॥
पत्थर
को बना सकते है वह पानी,
दुश्मन
भी डाल देते हथियार उनके सामने, है वह वीर ॥
शत
शत नमन उन वीरों को,
क्षण
भर भी नहीं खोते धीरज, विघ्नों को लगाते गले, है
वह वीर ॥
‘भारत माता की जय’

1 comment:
We are proud of our country!Bharat Mata Ki Jai!
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